शनि जयंती 2025: जानें तारीख, अमावस्या मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र और उपाय

शनि जयंती 2025: जानें तारीख, अमावस्या मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र और उपाय
शनि जयंती की तिथी , मुहूर्त , मंत्र 2025
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शनि जयंती भगवान शनि (शनि देव) के प्रकट दिवस के रूप में मनाई जाती है। इस दिन शनि देव की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और पापों का क्षय होता है।


🙏 शनि जयंती का महत्व

शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है। वे कर्मों के अनुसार फल देते हैं। शनि जयंती पर श्रद्धा से पूजा करने से साढ़ेसाती, ढैय्या, और अन्य ग्रहदोषों का प्रभाव कम होता है।

🔱 शनिदेव की पूजा से होने वाले लाभ


  • मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा: शनिदेव की कृपा प्राप्त होने से मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।
  • शत्रुओं पर विजय एवं सुरक्षा: नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं तथा शत्रुओं से सुरक्षा मिलती है।
  • आर्थिक स्थिरता और प्रगति: कर्ज कम होता है, आर्थिक समृद्धि प्राप्त होती है, तथा आध्यात्मिक और भौतिक प्रगति प्राप्त की जा सकती है।
  • शाश्वत सफलता की प्राप्ति: यदि आपको भगवान शनि की कृपा प्राप्त होती है, तो आप अपने प्रयासों में सफलता प्राप्त करेंगे और परेशानियां आसानी से दूर हो जाएंगी।
  • रोग, कर्ज और संतानहीनता से मुक्ति: शनि की पूजा करने से शारीरिक व्याधियां कम होती हैं, पुराने कर्ज से मुक्ति मिलती है और संतान प्राप्ति के अवसर बनते हैं।
  • कार्यस्थल पर आने वाली बाधाएं दूर होती हैं: नौकरी और व्यापार में आने वाली बाधाएं दूर हो सकती हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।

  • 🛐 शनि पूजा विधि

    1. प्रातःकाल स्नान कर काले या नीले वस्त्र धारण करें।
    2. शनि देव की मूर्ति या चित्र के सामने दीपक जलाएं।
    3. काले तिल, सरसों का तेल, नीले फूल अर्पित करें।
    4. शनि मंत्रों का जप करें (कम से कम 108 बार)।
    5. गरीबों को वस्त्र, अन्न, काले तिल, और लोहा दान करें।

    🗓️ शनि जयंती 2025: तारीख और मुहूर्त
    तारीख: सोमवार, 26 मई 2025
    अमावस्या तिथि प्रारंभ: 26 मई दोपहर 12:11 बजे
    अमावस्या तिथि समाप्त: 27 मई सुबह 8:31 बजे
    पूजन के लिए शुभ समय: 26 मई दोपहर 12:11 से 27 मई सुबह 8:31 तक

     उदय तिथि के अनुसार शनि जयंती 27 मई को मनाई जाएगी।

    🔯 शनि मंत्र

    || ॐ शं शनैश्चराय नमः ||

    || नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्।
    छायामार्तण्डसंभूतं तं नमामि शनैश्चरम् ||

    ⚠️ शनि जयंती पर क्या न करें

    • गुस्सा और विवाद से बचें।
    • मद्यपान और मांसाहार न करें।
    • गरीबों से दुर्व्यवहार न करें।

    जो व्यक्ति श्रद्धा और नियम से शनि जयंती का व्रत और पूजन करता है, उसे शनि देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में स्थिरता आती है।

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