शनि जयंती 2025: जानें तारीख, अमावस्या मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र और उपाय
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शनि जयंती भगवान शनि (शनि देव) के प्रकट दिवस के रूप में मनाई जाती है। इस दिन शनि देव की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और पापों का क्षय होता है।
🙏 शनि जयंती का महत्व
शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है। वे कर्मों के अनुसार फल देते हैं। शनि जयंती पर श्रद्धा से पूजा करने से साढ़ेसाती, ढैय्या, और अन्य ग्रहदोषों का प्रभाव कम होता है।
🔱 शनिदेव की पूजा से होने वाले लाभ
🛐 शनि पूजा विधि
- प्रातःकाल स्नान कर काले या नीले वस्त्र धारण करें।
- शनि देव की मूर्ति या चित्र के सामने दीपक जलाएं।
- काले तिल, सरसों का तेल, नीले फूल अर्पित करें।
- शनि मंत्रों का जप करें (कम से कम 108 बार)।
- गरीबों को वस्त्र, अन्न, काले तिल, और लोहा दान करें।
🗓️ शनि जयंती 2025: तारीख और मुहूर्त
तारीख: सोमवार, 26 मई 2025
अमावस्या तिथि प्रारंभ: 26 मई दोपहर 12:11 बजे
अमावस्या तिथि समाप्त: 27 मई सुबह 8:31 बजे
पूजन के लिए शुभ समय: 26 मई दोपहर 12:11 से 27 मई सुबह 8:31 तक
उदय तिथि के अनुसार शनि जयंती 27 मई को मनाई जाएगी।
🔯 शनि मंत्र
|| ॐ शं शनैश्चराय नमः ||
|| नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्।
छायामार्तण्डसंभूतं तं नमामि शनैश्चरम् ||
⚠️ शनि जयंती पर क्या न करें
- गुस्सा और विवाद से बचें।
- मद्यपान और मांसाहार न करें।
- गरीबों से दुर्व्यवहार न करें।
जो व्यक्ति श्रद्धा और नियम से शनि जयंती का व्रत और पूजन करता है, उसे शनि देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में स्थिरता आती है।
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