धनु राशि के लिए विष्णुसहस्रनाम श्लोक | मूल, पूर्वाषाढ़ा और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र अनुसार मंत्र

🏹 धनु राशि के लिए विष्णुसहस्रनाम श्लोक

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✨ परिचय

धनु (Sagittarius) राशि ज्ञान, धर्म, आध्यात्मिकता और उच्च आदर्शों की प्रतीक मानी जाती है। इस राशि के जातकों में सत्य की खोज, स्वतंत्र विचार और जीवन में निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा विशेष रूप से दिखाई देती है।


वेद और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार प्रत्येक राशि, नक्षत्र और उसके चरणों से कुछ विशेष मंत्र एवं श्लोक जुड़े होते हैं। विष्णुसहस्रनाम भगवान विष्णु के एक हजार दिव्य नामों का अद्भुत स्तोत्र है, जिसका नियमित जप मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।

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इस लेख में धनु राशि के मूल, पूर्वाषाढ़ा और उत्तराषाढ़ा नक्षत्रों के चरणानुसार विष्णुसहस्रनाम के संबंधित श्लोक दिए गए हैं।

🟡 विशेष सूचना:
ये सभी विष्णुसहस्रनाम श्लोक उन व्यक्तियों के लिए हैं जिनकी धनु चंद्र राशि (Moon Sign Sagittarius) है। अपनी जन्मकुंडली में चंद्र राशि के अनुसार इन मंत्रों का जप करना अधिक लाभकारी माना जाता है।
🟠 धनु राशि – मूल नक्षत्र

YouTube video link for Mantra👇
https://youtu.be/MOIfEW2w6xM?si=DE05zFv5SNBiOxoH

🔸 चरण 1

स्तव्यः स्तवप्रियः स्तोत्रं स्तुतिः स्तोता रणप्रियः ।
पूर्णः पूरयिता पुण्यः पुण्यकीर्तिरनामयः ॥७३॥

🔸 चरण 2

मनोजवस्तीर्थकरो वसुरेता वसुप्रदः ।
वसुप्रदो वासुदेवो वसुर्वसुमना हविः ॥७४॥

🔸 चरण 3

सद्‍गतिः सत्कृतिः सत्ता सद्भूतिः सत्परायणः ।
शूरसेनो यदुश्रेष्ठः सन्निवासः सुयामुनः ॥७५॥

🔸 चरण 4

भूतावासो वासुदेवः सर्वासुनिलयोऽनलः ।
दर्पहा दर्पदो दृप्तो दुर्धरोऽथापराजितः ॥७६॥
🟠 धनु राशि – पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र

🔸 चरण 1

विश्वमूर्तिर्महामूर्तिर्दीप्तमूर्तिरमूर्तिमान् ।
अनेकमूर्तिरव्यक्थ शतमूर्तिः शताननः ॥७७॥

🔸 चरण 2

एको नैकः सवः कः किं यत्तत्पदमनुत्तमम् ।
लोकबन्धुर्लोकनाथो माधवो भक्तवत्सलः ॥७८॥

🔸 चरण 3

सुर्वणोवर्णो हेमाङ्गो वराङ्गश्चन्दनाङ्गदी ।
वीरहा विषमः शून्यो घृताशीरचलश्चलः ॥७९॥

🔸 चरण 4

अमानी मानदो मान्यो लोकस्वामी त्रिलोकधृक् ।
सुमेधा मेधजो धन्यः सत्यमेधा धराधरः ॥८०॥
🟠 धनु राशि – उत्तराषाढ़ा नक्षत्र

🔸 चरण 1

तेजोवृषो द्युतिधरः सर्वशस्त्रभृतां वरः ।
प्रग्रहो निग्रहो व्यग्रो नैकश्रृङ्गो गदाग्रजः ॥८१॥

🔵 निष्कर्ष

विष्णुसहस्रनाम के ये श्लोक केवल धार्मिक पाठ नहीं हैं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति और आध्यात्मिक प्रगति प्रदान करने वाले दिव्य मंत्र माने जाते हैं।


धनु राशि के जातक यदि अपने नक्षत्र और चरण के अनुसार इन श्लोकों का नियमित जप करें, तो उन्हें मानसिक स्थिरता, आत्मविश्वास, सफलता और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त हो सकती है।


प्रतिदिन प्रातःकाल या सायंकाल श्रद्धा और भक्ति के साथ इन मंत्रों का जप करना अत्यंत शुभ माना गया है।

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